Beti Bachao Beti Padhao Essay

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Bati Bachao Beti Padhao Scheme

हमारे देश की बेटियों के लिए हमारे PM श्री नरेन्द्र मोदीजी ने Beti Bachao Beti Padhao YojanaIn Hindiको प्रस्तुत किया था| जानिये बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना के लिए Application कैसे केरे? और अधिक जानकारी प्राप्त करने किए यह आर्टिकल पूरा पढ़िए| यह योजना Beti Bachao Beti Padhao Online Form उपलब्ध नहीं है|

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हमारे देश को आज़ाद हुए आज ७० साल हो गए है पर, हमारे देश में अभी भी बेटीया आज़ाद नहीं है| हमारे प्रधान मंत्री श्री नेसुकन्या समृद्धि योजना भी प्रस्तुत की हुई है|

हमारे माननीय प्रधान मंत्री श्री ने बेटियों की रक्षा और उनकी पढाई के लिए या नि की उनकी जन्म और जीवन की रक्षा करने के लिए बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना को प्रक्षेपित किया गया है|

Beti Bachao Beti Padhao Scheme के चलते बेटी को सुरक्षा मिलेगी जैसी की हमारी गवर्नमेंट ने इस योजना के तहत बेटियों की रक्षा के लिए कयादे भी बनाये हुए है जिससे उन्हें सुरक्षा मिलेगी|

हमारे देश में यह बर्षो से चला आ रहा है की लोग अपनी बेटियों को जन्म लेते है ही मार देते थे| पर अब तकनिकी सुविधाओ के आड़ में कुछ लोग अपनी बेटियों की भ्रूण हत्या कर देते है जब की वे जानते है की भ्रूण हत्या करना गुनाह है|

आये दिन हमारे देश में बेटियों की भ्रूण हत्याए की जाती है| इसकी वजह से बेटियों की संख्या कम हो रही है| इस योजाना और कायदों के रहेते भी कुछ लोगो की मानसिकता तो बदली नही जा सकती है पर इससे इतना फर्क पड़ेगा की लोग कायदे के दर से ही बेटियों की भ्रूण हत्या नहीं करेगे|

Beti Bachao Beti Padhao Yojana In Hindi(BBBP Scheme In Hindi)

Beti Bachao Beti Padhao Yojana हमारे देश के लिए बेहद जरुरी योजना है| इस योजना के चलते हमारा देश बेटियों का मूल्य समजने लगा है| और कुछ लोगो की मानसिकता में भी बदलाव आया है की बेटिया हमारा धन है|

इस योजना से केवल बेटियो ही सुरक्षित रहेगी ऐसा नहीं है इस योजना के तहत बेटिया सुरक्षित भी रहेगी और उनकी पढाई भी अच्छे से हो सकेगी जिससे वह समाज में अपनी पहेचान बना सके और अपना जीवन सम्मान के साथ जी सके|

इस योजना को माननीय श्री प्रधान मंत्री ने हरीयाणा से २२ जनवरी २०१५ को प्रक्षेपित किया गया था|

जैसे की हम जानते है बेटियों की संख्या साल प्रति साल कम हो रही है| हमारे देश में बेटियों की संख्या प्रति 1000 लडको के सामने 1991 में 945, 2001 में 927, और 2011 में 918 लडकिया. लडकियों की संख्या दिन प्रति दिन भारी मात्रा में कम हो रही थी| इसको ध्यान में रखते हुए यह योजना Implement की गयी थी|

इस योजना के लिए हमारी गवर्नमेंट ने 100 करोड़ का बजट तय किया है| इस योजना की देखरेख तिन लेवेल से हो रही है|

पहेला, राष्ट्रीय स्तर पर – नेशनल टास्क फाॅर्स सेक्रेटरी ऑफ़ MWCD

दूसरा लेवल राजकीय स्तर पर – स्टेट टास्क फाॅर्स सेक्रेटरी

तीसरा, जिला स्तर पर – डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर

Beti Bachao Beti Padhao Scheme Benefits (बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना के फायदे)

इस योजना के तहत बेटियों को पढाई के लिए आर्थिक सही मिलेगी|

इस योजना के तहत लडकियों को ज्यादा पढाई करने के लिए तक प्राप्त होगी|

इस योजना से बेटियों की शादी के लिए भी आर्थिक सहाय उपलब्ध होगी|

इससे बड़ा फायदा यह होगा की बेटियों के भ्रूणहत्या कम हो गयी है|

इस योजना की वजह से लड़के और लडकियों के बिच का भेदभाव कम होने लगेगा|

Beti Bachao Beti Padhao Scheme Details

Age Limitation To Apply For BBBP Scheme

इस योजना के तहत लडकिओ की उम्र 10 साल हो तब तक इस योजना का लाभ मिल सकता है| इसके अलावा 1 वर्ष तक इस योजना का लाभ ले सकते है|

Tax Advantage to Apply BBBP Scheme

इस योजना के तहत रोकी गई रकम को टैक्स एडवांटेज मिलेगा| इस योजना में रोके गए पैसे 80-C के तहत इनकम टैक्स में राहत मिलेगी|

Banks & Post Available for BBBP Scheme

Sukana Samriddhi Yojana और Sukanya Dev Yojana की तरह इस योजना के तहत सभी बैंक और पोस्ट ऑफिस में खता खुलवा सकते हो|

Document Required to Apply For BBBP Scheme

लड़की के जन्म का प्रमाणपत्र

माता – पिता/ गार्डियन का पहेचानपत्र

माता – पिता/ गार्डियन के पते का प्रमाण

Withdrawal Condition Of BBBP

इस योजना के तहत Depositor 50 % तक की Deposit बेटी के Higher study के लिए withdraw कर सकता है|

Account Transfer in BBBP

इस योजना के तहत अगर लड़की का पता बदल जाए और वह अपना खाता ट्रान्सफर करवा सकटी है| खाता ट्रान्सफर करवाना एकदम सरल प्रक्रिया है |

हम ने इस योजना की सारी माहिती प्राप्त कर ली है पर आप शायद यह नहीं जानते की यह योजना कैसे काम करती है|

जैसे की हम जानते है यह योजना सिर्फ बेटियों की सुरक्षा और उनके भविष्य के लिए है|

इस योजना के तहत हमारी गवर्नमेंट ने पहेले ऐसे जिले चुने जिन जिलो में सबसे ज्यादा बेटियों की भ्रूण हत्या की जाती थी|

ऐसे जिलो में पहेले यह लागू किया गया था जिससे गवर्नमेंट एक जगह ध्यान केन्द्रित कर के अपना उध्येश प्राप्त कर सकती है|

इस योजना के तहत लड़की के माता पिता रकम जमा करवाते है| यह रकम लड़की जब तक २१ साल की हो जाए तब तक रकम जमा करवा सकते है|

इसके बाद लड़की 29 साल की हो जाती है तब इस योजना के तहत भरी हुई रकम पूर्णत: withdraw हो सकती है|

पर अगर लड़की 18 साल की हो जाए और वह शादी करने का निर्णय ले तब भी वह अपना फण्ड withdraw कर सकती है|

बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना के लिए Application कैसे करे?

अगर आपको इस योजना के लिए apply करना हो तो अपनी नजदीकी आँगनवाडी का संपर्क कीजिये और आपको Beti Bachao Beti Padhao Yojana Application Form आपकी नजदीकी आँगनवाडी  से मिल जाएगा|

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देश की बेटियों की रक्षा और उन्नति के लिये प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ नाम से एक योजना का शुभारंभ किया गया है। सामाजिक योजनाओं पर निबंध लेखन के लिये अपने स्कूल में सामान्यत: निर्दिष्ट किये गये विद्यार्थियों की मदद के लिये हम यहाँ पर ऐसे मुद्दों पर निबंध उपलब्ध करा रहें हैं। विभिन्न कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिये अलग-अलग शब्द सीमा तथा बेहद आसान शब्दों में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ पर निबंध दिया गया है। बच्चों और विद्यार्थियों के लेखन कौशल को सुधारने के लिये स्कूलों में निबंध और पैराग्राफ प्रतियोगिता आयोजित की जाती है जिसमें नीचे दिये गये निबंध उनकी सहायता कर सकता है।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ निबंध (बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ एस्से)

Get here some essays on Beti Bachao Beti Padhao in Hindi language for students in 100, 150, 200, 250, 300, and 400 words.

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर निबंध 1 (100 शब्द)

भारतीय समाज में छोटी बच्चियों के खिलाफ भेदभाव और लैंगिक असमानता की ओर ध्यान दिलाने के लिये बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ नाम से प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा एक सरकारी सामाजिक योजना की शुरुआत की गयी है। हरियाणा के पानीपत में 22 जनवरी 2015, बुधवार को प्रधानमंत्री के द्वारा इस योजना की शुरुआत हुयी। ये योजना समाज में लड़कियों के महत्व के बारे लोगों को जागरुक करने के लिये है। कन्या भ्रूण हत्या को पूरी तरह समाप्त करने के द्वारा लड़कियों के जीवन को बचाने के लिये आम लोगों के बीच ये जागरुकता बढ़ाने का कार्य करेगी तथा इसमें एक लड़के की भाँति ही एक लड़की के जन्म पर खुशी मनाने और उसे पूरी जिम्मेदारी से शिक्षित करने के लिये कहा गया है।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर निबंध 2 (150 शब्द)

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ (इसका अर्थ है लड़कियों को बचाना और शिक्षित करना) योजना की शुरुआत भारतीय सरकार द्वारा 2015 के जनवरी महीने में हुई। इस योजना का मकसद भारतीय समाज में लड़कियों और महिलाओं के लिये कल्याणकारी कार्यों की कुशलता को बढ़ाने के साथ-साथ लोगों के बीच जागरुकता उत्पन्न करने के लिये भी है। इस योजना के लिये 100 करोड़ की शुरुआती पूँजी की आवश्यकता थी।

इस योजना की शुरुआत की जरुरत 2001 के सेंसस के आँकड़ों के अनुसार हुई, जिसके तहत हमारे देश में 0 से 6 साल के बीच का लिंगानुपात हर 1000 लड़कों पर 927 लड़कियों का था। इसके बाद इसमें 2011 में और गिरावट देखी गयी तथा अब आँकड़ा 1000 लड़कों पर 918 लड़कियों तक पहुँच चुका था। 2012 में यूनिसेफ द्वारा पूरे विश्वभर में 195 देशों में भारत का स्थान 41वाँ था इसी वजह से भारत में महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा के प्रति लोगों की जागरुकता जरुरी हो गयी। ये योजना कन्या भ्रूण हत्या को जड़ से मिटाने के लिये लोगों से आह्वन भी करती है।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर निबंध 3 (200 शब्द)

देश में छोटी बच्चियों को सशक्त करने के साथ-साथ समाज में लड़कियों की  गिरती संख्या के अनुपात के मुद्दे को बताने के लिये एक उद्देश्यपूर्णं ढंग से एकराष्ट्रव्यापी योजना की शुरुआत हुई जिसका नाम बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ है। हरियाणा के पानीपत में 22 जनवरी 2015 को भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सफलतापूर्वक इस योजना का आरंभ हुआ। लड़कियों के प्रति लोगों की विचारधारा में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ ही ये योजना भारतीय समाज में लड़कियों की महत्ता की ओर भी इंगित करता है। भारतीय समाज में लड़कियों के प्रति लोगों की मानसिकता बहुत क्रूर हो चुकी है। ऐसे लोगों का मानना है कि लड़कियाँ पहले परिवार के लिये बोझ होती है और फिर पति के लिये तथा ये सिर्फ लेने के लिये होती है देने के लिये नहीं।

हालाँकि ये सच नहीं है, दुनिया की आधी जनसंख्या लगभग महिलाओं की है इसलिये वो धरती पर जीवन के अस्तित्व के लिये आधी जिम्मेदार होती है। लड़कियों या महिलाओं को कम महत्ता देने से धरती पर मानव समाज खतरे में पड़ सकता है क्योंकि अगर महिलाएँ नहीं तो जन्म नहीं। लगातार प्रति लड़कों पर गिरते लड़कियों का अनुपात इस मुद्दे की चिंता को साफतौर पर दिखाता है। इसलिये, उन्हें गुणवत्तापूर्णं शिक्षा प्रदान कराने के साथ, छोटी बच्ची की सुरक्षा को पक्का करना ,लड़कियों को बचाना, कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिये इस योजना की शुरुआत की गयी है।


 

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर निबंध 4 (250 शब्द)

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ एक सरकारी योजना है जिसे भारत के प्रधानमंत्री ने जनवरी 2015 में शुरु किया है। लड़कियों की सामाजिक स्थिति में भारतीय समाज में कुछ सकारात्मक बदलाव लाने के लिये इस योजना का आरंभ किया गया है। भारतीय समाज में छोटी लड़कियों पर बहुत सारे प्रतिबंध किये जाते है जो उनकी उचित वृद्धि और विकास में रोड़ा बना हुआ है। ये योजना छोटी लड़कियों के खिलाफ होने वाले अत्यचार, असुरक्षा, लैंगिक भेदभाव आदि को रोकेगा। 18वीं सदी के लोगों की बजाय आधुनिक में समय महिलाओं के प्रति लोगों की मानसिकता ज्यादा घटिया होती जा रही है। इस कार्यक्रम की शुरुआत करते समय प्रधनमंत्री ने कहा कि, भारतीय लोगों की ये सामान्य धारणा है कि लड़कियाँ अपने माता-पिता के बजाय पराया धन होती है। अभिवावक सोचते है कि लड़के तो उनके अपने होते है जो बुढ़ापे में उनकी देखभाल करेंगे जबकि लड़कियाँ तो दूसरे घर जाकर अपने ससुराल वालों की सेवा करती हैं।

लड़कियों के बारे में 21वीं सदी में लोगों की ऐसी मानसिकता वाकई शर्मनाक है और जन्म से लड़कियों को पूरे अधिकार देने के लिये लोगों के दिमाग से इसे जड़ से मिटाने की जरुरत है।

छोटी लड़कियों की स्थिति अंतिम दशक में बहुत खराब हो चुकी थी क्योंकि कन्या भ्रूण हत्या एक बड़े पैमाने पर अपना पैर पसार रही थी। उच्च तकनीक के द्वारा लिंग का पता लगाकर जन्म से पहले ही लड़कियों को उनके माँ के गर्भ में ही मार दिया जाता था। लड़कियों की संख्या को कम करने के लिये ये प्रथा प्रचलन में थी साथ ही साथ परिवार एक लड़की की जिम्मेदारी तुच्छ समझता है। योजना की शुरुआत करने के लिये सबसे बेहतर जगह के रुप में हरियाणा को चुना गया था क्योंकि देश में (775 लड़कियाँ/1000 लड़के) लड़कियों के लिंगानुपात हरियाणा के महेन्द्रगण जिला में सबसे खराब है।

 

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर निबंध 5 (300 शब्द)

हरियाणा के पानीपत में 22 जनवरी 2015 को पीएम नरेन्द्र मोदी के द्वारा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के नाम से एक सरकारी योजना की शुरुआत हुई। भारतीय समाज में लड़कियों की दयनीय दशा को देखते हुए इस कार्यक्रम की शुरुआत की गयी। आँकड़ों के अनुसार, 1991 में (0-6 वर्ष के उम्र के) हर 1000 लड़कों पर 945 लड़कियाँ है, जबकि 2001 में लड़कियों की संख्या 927 पर और दुबारा 2011 में इसमें गिरावट होते हुए ये 1000 लड़कों पर 918 पर आकर सिमट गयी। अगर हम सेंसस के आँकड़ों पर गौर करें तो पाएँगे कि हर दशक में लड़कियों की संख्या में लगातार गिरावट दर्ज हुई है। ये धरती पर जीवन की संभावनाओं के लिये भी खतरे का निशान है। अगर जल्द ही लड़कियों से जुड़े ऐसे मुद्दों को सुलझाया नहीं गया तो आने वाले दिनों में धरती बिना नारियों की हो जायेगी और तथा कोई नया जन्म नहीं होगा।

देश में लड़कियों के बुरे आँकड़ों को ध्यान में रखते हुए, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना की शुरुआत की। ये बेहद प्रभावकारी योजना है जिसके तहत लड़कियों की संख्या में सुधार, इनकी सुरक्षा, शिक्षा, कन्या भ्रूण हत्या का उन्मूलन, व्यक्तिगत और पेशेवर विकास आदि का लक्ष्य पूरे देश भर में है।  इसे सभी राज्य और केन्द्र शासित प्रदेशों में लागू करने के लिये एक राष्ट्रीय अभियान के द्वारा देश (केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्रालय, स्वास्थ्य तथा महिला एवं बाल विकास मंत्रालय) के 100 चुनिंदा शहरों में इस योजना को लागू किया गया है। इसमें कुछ सकारात्मक पहलू ये है कि ये योजना लड़कियों के खिलाफ होने वाले अपराध और गलत प्रथाओं को हटाने के लिये एक बड़े कदम के रुप में साबित होगा। हम ये आशा करते हैं कि आने वाले दिनों में सामाजिक-आर्थिक कारणों की वजह से किसी भी लड़की को गर्भ में नहीं मारा जायेगा, अशिक्षित नहीं रहेंगी, असुरक्षित नहीं रहेंगी, बलात्कार नहीं होगा आदि। अत: पूरे देश में लैंगिक भेदभाव को मिटाने के द्वारा बेटी-बचाओ बेटी-पढ़ाओ योजना का लक्ष्य लड़कियों को आर्थिक और सामाजिक दोनों तरह से स्वतंत्र बनाने का है।


 

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर निबंध 6 (400 शब्द)

पूरे भारत में लड़कियों को शिक्षित बनाने और उन्हें बचाने के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ नाम से लड़कियों के लिये एक योजना की शुरुआत की। इसका आरंभ हरियाणा के पानीपत में 22 जनवरी 2015, गुरुवार को हुआ। पूरे देश में हरियाणा में लिंगानुपात 775 लड़कियाँ पर 1000 लड़कों का है जो बेटीयों की दयनीय स्थिति को दर्शाता है इसी वजह से इसकी शुरुआत हरियाणा राज्य से हुई। लड़कियों की दशा को सुधारने के लिये पूरे देश के 100 जिलों में इसे प्रभावशाली तरीके से लागू किया गया है, सबसे कम स्त्री-पुरुष अनुपात होने की वजह से हरियाणा के 12 जिलों (अंबाला, कुरुक्षेत्र, रिवारी, भिवानी, महेन्द्रगण, सोनीपत, झज्जर, रोहतक, करनाल, यमुना नगर, पानीपत और कैथाल) को चुना गया।

लड़कियों की दशा को सुधारने और उन्हें महत्व देने के लिये हरियाणा सरकार 14 जनवरी को ‘बेटी की लोहड़ी’ नाम से एक कार्यक्रम मनाती है। इस योजना का उद्देश्य लड़कियों को सामाजिक और आर्थिक रुप से स्वतंत्र बनाना है जिससे वो अपने उचित अधिकार और उच्च शिक्षा का प्रयोग कर सकें। आम जन में जागरुकता फैलाने में ये मदद करता है साथ ही महिलाओं को दिये जाने वाले लोक कल्याणकारी सेवाएँ की कार्यकुशलता को भी बढ़ाएगा। अगर हम 2011 के सेंसस रिपोर्ट पर नजर डाले तो हम पाएँगे कि पिछले कुछ दशकों से 0 से 6 वर्ष के लड़कियों की संख्या में लगातार गिरावट हो रही है। 2001 में ये 927/1000 था जबकि 2011 में ये और गिर कर 919/1000 पर आ गया। अस्पतालों में आधुनिक लक्षण यंत्रों के द्वारा लिंग पता करने के बाद गर्भ में ही कन्या भ्रूण की हत्या करने की वजह से लड़कियों की संख्या में भारी कमी आयी है। समाज में लैंगिक भेदभाव की वजह से ये बुरी प्रथा अस्तित्व में आ गयी।

जन्म के बाद भी लड़कियों को कई तरह के भेदभाव से गुजरना पड़ता है जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, खान-पान, अधिकार आदि दूसरी जरुरतें है जो लड़कियों को भी प्राप्त होनी चाहिये। हम कह सकते हैँ कि महिलाओं को सशक्त करने के बजाय अशक्त किया जा रहा है। महिलाओं को सशक्त बनाने और जन्म से ही अधिकार देने के लिये सरकार ने इस योजना की शुरुआत की। महिलाओं के सशक्तिकरण से सभी जगह प्रगति होगी खासतौर से परिवार और समाज में। लड़कियों के लिये मानव की नकारात्मक पूर्वाग्रह को सकारात्मक बदलाव में परिवर्तित करने के लिये ये योजना एक रास्ता है। ये संभव है कि इस योजना से लड़कों और लड़कियों के प्रति भेदभाव खत्म हो जाये तथा कन्या भ्रूण हत्या का अन्त करने में ये मुख्य कड़ी साबित हो। इस योजना की शुरुआत करते हुए पीएम मोदी ने चिकित्सक बिरादरी को ये याद दिलाया कि चिकित्सा पेशा लोगों को जीवन देने के लिये बना है ना कि उन्हें खत्म करने के लिये।

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